नोट: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। यह चिकित्सीय या पोषण संबंधी सलाह का विकल्प नहीं है।
अखरोट — टूटा हुआ और साबुत अखरोट एक साथ

तस्वीर में टूटे और साबुत अखरोट दिख रहे हैं — भूरे छिलके के अंदर हल्का पीला-सफेद गिरी। अखरोट भारत में "अखरोट" के नाम से जाना जाता है और विशेषकर सर्दियों में खाया जाता है।

अखरोट में क्या होता है?

अखरोट ALA (Alpha-Linolenic Acid) का एक अच्छा पौधा-स्रोत है — यह ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक प्रकार है। 28 ग्राम (लगभग 7 साबुत) अखरोट में:

ALA और DHA/EPA में अंतर: अखरोट में मिलने वाला ALA ओमेगा-3 शरीर में DHA/EPA में परिवर्तित होता है — लेकिन यह रूपांतरण बहुत सीमित होता है। मछली-आधारित ओमेगा-3 अधिक प्रत्यक्ष स्रोत माने जाते हैं।

रोज़ाना अखरोट खाने के तरीके

कितना खाएं?

आमतौर पर 28-30 ग्राम (7-8 साबुत अखरोट) प्रतिदिन उचित माना जाता है। अधिक मात्रा में खाने से कैलोरी अधिक हो सकती है।

ओमेगा-3 और आंखों की सेहत

DHA (डोकोसाहेक्सैनोइक एसिड) — एक ओमेगा-3 फैटी एसिड — रेटिना का प्रमुख घटक है। शरीर इसे खुद नहीं बना सकता, इसलिए इसे आहार से लेना जरूरी है। समुद्री मछली DHA का सबसे अच्छा स्रोत है, लेकिन शाकाहारियों के लिए अखरोट और अलसी ALA (अल्फा-लिनोलेनिक एसिड) का अच्छा स्रोत हैं।

शोध बताते हैं कि ओमेगा-3 की पर्याप्त मात्रा सूखी आंखों (Dry Eye) और उम्र से संबंधित मैक्युलर डिजनरेशन के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है। रोजाना एक मुट्ठी अखरोट एक आसान और स्वादिष्ट तरीका है।

रेटिना और DHA: रेटिना में सबसे अधिक DHA होता है — इसलिए आंखों के स्वास्थ्य के लिए ओमेगा-3 युक्त आहार को नेत्र रोग विशेषज्ञ भी अनुशंसित करते हैं।
छोटी-छोटी चीजें साफ देखें — DrishtiPlus Pro: ₹2,490 →
कई लोग भिगोए अखरोट को पाचन के लिए बेहतर मानते हैं — भिगोने से टैनिन और फाइटिक एसिड कुछ कम हो जाते हैं। हालांकि इस पर वैज्ञानिक साक्ष्य सीमित हैं। दोनों तरीकों से पोषण मिलता है।
हां, ट्री नट एलर्जी आम है। यदि अखरोट खाने के बाद खुजली, सूजन या सांस की तकलीफ हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
सामान्य पोषण जानकारी। व्यक्तिगत आहार योजना के लिए पोषण विशेषज्ञ से परामर्श करें।